Microsoft AI CEO मुस्तफा सुलेमान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंडस्ट्री को लेकर एक सख्त और साफ संदेश दिया है। उनका कहना है कि कंपनियां AI को लेकर कंट्रोल (नियंत्रण) और अलाइनमेंट (मानव हितों से जोड़ना) को आपस में मिला रही हैं, जो बेहद खतरनाक हो सकता है।
सुलेमान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा,
“जिस चीज पर आपका कंट्रोल नहीं है, आप उसे चला नहीं सकते। पहले कंटेनमेंट जरूरी है, वरना अलाइनमेंट सिर्फ विनती करने जैसा है।”
उनका मतलब साफ है – पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि हम AI को रोक और नियंत्रित कर सकें, उसके बाद ही उसे सही दिशा में सोचने और काम करने की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए।
कंटेनमेंट बनाम अलाइनमेंट
Microsoft AI CEO ने समझाया कि इंडस्ट्री अक्सर कंटेनमेंट और अलाइनमेंट को एक जैसा मान लेती है, जबकि दोनों अलग-अलग चीजें हैं। कंटेनमेंट का मतलब है AI की शक्तियों पर सीमा लगाना, उसे तय दायरे में ही काम करने देना और जरूरत पड़ने पर उसे बंद करने की क्षमता जबकि अलाइनमेंट का अर्थ है AI को इंसानों के हित में काम करना सिखाना और नुकसान न पहुंचाने की सोच विकसित करना ।
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सुलेमान के मुताबिक, अगर कंट्रोल ही नहीं है तो अलाइनमेंट बेकार है। यानी अगर AI हमारी बात मानने के लिए मजबूर नहीं है, तो सिर्फ नैतिकता सिखाने से कुछ नहीं होगा।
माइक्रोसॉफ्ट का अलग रास्ता
Microsoft AI CEO खुद को उन कंपनियों से अलग मानते हैं जो बिना सुरक्षा के सुपरइंटेलिजेंस की दौड़ में लगे हैं। उन्होंने Microsoft AI ब्लॉग पर प्रकाशित अपने लेख “Towards Humanist Superintelligence” में बताया कि उनकी सोच मानव-केंद्रित AI की है। उन्होंने Bloomberg को दिए इंटरव्यू में कहा कि कंटेनमेंट और अलाइनमेंट “रेड लाइन” हैं, जिन्हें कोई भी कंपनी पार नहीं करनी चाहिए। उनका मानना है कि यह सोच फिलहाल इंडस्ट्री में नई है, लेकिन यही भविष्य को सुरक्षित बना सकती है।
मेडिकल और एनर्जी सेक्टर पर फोकस
Microsoft AI CEO मुस्तफा सुलेमान का मॉडल “Humanist Superintelligence” प्रैक्टिकल इस्तेमाल पर आधारित है, जैसे मेडिकल डायग्नोसिस, क्लीन एनर्जी सॉल्यूशन और हेल्थकेयर रिसर्च । माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में एक AI सिस्टम विकसित किया है जिसने New England Journal of Medicine के कठिन मेडिकल केस स्टडी में 85% एक्युरेसी हासिल की।
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जबकि मानव डॉक्टरों की औसत सफलता दर सिर्फ 20% रही।
यह दिखाता है कि सीमित दायरे में काम करने वाला AI भी बेहद शक्तिशाली हो सकता है।
OpenAI समझौते के बाद नया दौर
Microsoft और OpenAI के नए समझौते के बाद अब माइक्रोसॉफ्ट को स्वतंत्र रूप से AI विकसित करने की अनुमति मिल गई है। Microsoft AI CEO अब दुनिया की सबसे मजबूत सुपरइंटेलिजेंस रिसर्च टीम तैयार कर रहे हैं, जिसका मकसद है इंसानों को कंट्रोल में रखना, अनियंत्रित AI से बचाव और जिम्मेदार तकनीकी विकास ।
क्यों अहम है यह चेतावनी?
आज जब पूरी दुनिया AI रेस में लगी है, Microsoft AI CEO की यह चेतावनी बेहद महत्वपूर्ण है। अगर कंपनियां सिर्फ ताकतवर AI बनाने पर ध्यान दें और सुरक्षा को नजरअंदाज करें, तो यह मानवता के लिए खतरा बन सकता है।

