काराकास/न्यूयॉर्क: 3 जनवरी 2026 को दुनिया ने एक ऐसी घटना देखी जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी सेना ने ‘ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व’ (Operation Absolute Resolve) चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया है। मादुरो को हथकड़ियों में न्यूयॉर्क ले जाया गया है, जहां उन पर नशीली दवाओं की तस्करी (नार्को-टेररिज्म) का मुकदमा चलेगा।

क्या और कैसे हुआ?

3 जनवरी की रात करीब 2 बजे, 150 से अधिक अमेरिकी लड़ाकू विमानों और ड्रोन ने वेनेजुएला के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। इसी दौरान अमेरिकी डेल्टा फोर्स के कमांडो ने राष्ट्रपति भवन में घुसकर मादुरो और उनकी पत्नी को हिरासत में ले लिया। वर्तमान में वेनेजुएला की कमान वहां की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने संभाली है, लेकिन अमेरिका उन्हें मान्यता नहीं दे रहा है।

दुनिया के लिए बड़ा खतरा: क्या चीन और रूस उठाएंगे फायदा?

विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की इस सीधी सैन्य कार्रवाई से दुनिया में एक बहुत ही खतरनाक मिसाल कायम हुई है। इसके दो बड़े नकारात्मक परिणाम हो सकते हैं:

  1. चीन और ताइवान: चीन इस कार्रवाई को आधार बनाकर ताइवान पर हमला कर सकता है। चीन यह तर्क दे सकता है कि “अगर अमेरिका अपने पड़ोसी देश (वेनेजुएला) में लोकतंत्र के नाम पर घुस सकता है, तो चीन भी अपनी राष्ट्रीय एकता के लिए ताइवान पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है।”
  2. रूस और यूक्रेन: रूस इस मौके का फायदा उठाकर यूक्रेन के नेतृत्व को पूरी तरह खत्म करने या पूरे देश पर कब्जा करने की कोशिश कर सकता है। पुतिन यह कह सकते हैं कि अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों को तोड़ा है, इसलिए अब रूस पर भी कोई पाबंदी लागू नहीं होती।

भारत, रूस और चीन पर अन्य असर

  • रूस और चीन का निवेश: इन दोनों देशों ने वेनेजुएला को अरबों डॉलर का कर्ज दे रखा है। मादुरो के हटने से उनका यह पैसा डूब सकता है, जिससे वे अमेरिका के खिलाफ कोई बड़ा आर्थिक कदम उठा सकते हैं।
  • भारत के लिए चिंता: भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए वेनेजुएला पर निर्भर है। वहां युद्ध जैसी स्थिति से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे भारत में महंगाई का खतरा है। हालांकि, यदि वहां स्थिरता आती है, तो भारत को भविष्य में सस्ता तेल मिल सकता है।

डोनाल्ड ट्रंप का अगला मास्टर प्लान

राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कर दिया है कि वेनेजुएला अब उनके “कंट्रोल” में रहेगा। उनके मुख्य इरादे ये हैं:

  • तेल पर कब्जा: ट्रंप का लक्ष्य वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों को फिर से शुरू करना है ताकि दुनिया में तेल की कीमतें गिराई जा सकें और अमेरिकी कंपनियों को फायदा हो।
  • अस्थायी प्रशासन: अमेरिका वहां तब तक अपनी फौज रखेगा जब तक उसकी पसंद की नई सरकार नहीं बन जाती।

By Umesh Dwivedi

उमेश द्विवेदी एक अनुभवी डिजिटल न्यूज़ प्रोफेशनल और कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट हैं। वे वर्तमान में एक न्यूज़ प्लेटफॉर्म पर कार्यरत हैं और सरकार, राजनीति व समसामयिक विषयों पर सटीक, तथ्यपरक और विश्लेषणात्मक खबरें लिखते हैं। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड होने के कारण उनकी रिपोर्टिंग में लॉजिक, डेटा और गहराई साफ़ दिखाई देती है। उमेश द्विवेदी को न्यूज़ स्क्रिप्टिंग, एंकरिंग, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लेखन और डिजिटल मीडिया मैनेजमेंट का व्यापक अनुभव है। वे YouTube और Facebook जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाखों दर्शकों तक खबरें पहुँचाने का काम कर चुके हैं और न्यूज़ टीम को लीड करने का भी अनुभव रखते हैं। उनका उद्देश्य है— आम लोगों तक सरकार और सिस्टम से जुड़ी सही, स्पष्ट और ज़िम्मेदार जानकारी पहुँचाना।

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